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Mar 15, 2017

संजय लीला भांडसाली की फिल्म पद्मावती का सेट कोलापुर महाराष्ट्र में अज्ञात लोगो ने जलाया ।
उन अज्ञात लोगो को धन्यवाद

और करो हमारी संस्कृति और इतिहास से छेड़ छाड़। सावधान!!! अब हिन्दू जाग गया है।

करणी सेना के वीर सेनिको को सलाम जिन्होंने भांड़साली को पिटा।

और वे भड़वे व गद्दार जो संजय लीला भंडसाली के पक्ष में उतारे थे उनसे
एक सवाल वो तब कहा थे जब सलमान खान ने सुभाष घई को  थप्पड़ मारा था।

मेरा जवाब तब साले डर गये थे, और अब बहादुरी दिखा रहे है।

http://www.timesofhindi.com/2017/03/padmavati-set-kolapur-burn.html

मयंक प्रताप सिंह राजावत
7566688843

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का सेट कोलापुर महाराष्ट्र में अज्ञात लोगो ने जलाया ।

Posted at  1:54 AM - by Admin 1

संजय लीला भांडसाली की फिल्म पद्मावती का सेट कोलापुर महाराष्ट्र में अज्ञात लोगो ने जलाया ।
उन अज्ञात लोगो को धन्यवाद

और करो हमारी संस्कृति और इतिहास से छेड़ छाड़। सावधान!!! अब हिन्दू जाग गया है।

करणी सेना के वीर सेनिको को सलाम जिन्होंने भांड़साली को पिटा।

और वे भड़वे व गद्दार जो संजय लीला भंडसाली के पक्ष में उतारे थे उनसे
एक सवाल वो तब कहा थे जब सलमान खान ने सुभाष घई को  थप्पड़ मारा था।

मेरा जवाब तब साले डर गये थे, और अब बहादुरी दिखा रहे है।

http://www.timesofhindi.com/2017/03/padmavati-set-kolapur-burn.html

मयंक प्रताप सिंह राजावत
7566688843

Jan 27, 2017

राजपूतों में आक्रोश - पद्मावती के सम्मान में करणी सैनिक मैदान में

'Padmavati' shoot stalled in Jaipur; activists protest over distorting historical facts

चितौड़गढ की रानी पद्मिनी पर संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई जा रही फिल्म "पद्मावती" की जयगढ में चल रही शूटिंग को लेकर समाज में आक्रोश..... 

करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शूटिंग रुकवाई...... 

हम सभी इस प्रकार की हर एक फिल्म का पुरजोर विरोध करते है जिसमें हमारे इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश किया जाता है..... 

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की शूटिंग शुरू भी नहीं हुई है कि इसका विरोध शुरू हो गया है. फिल्म में दीपिका पादुकोण चित्तौड़ के राजा रतनसेन की पत्नी रानी पद्मिनी (पद्मावती) का किरदार निभा रही हैं.

फिल्म में दीपिका के पति की भूमिका में शाहिद कपूर नजर आएंगे. वहीं रणवीर सिंह को अलाऊद्दीन खिलजी के रोल के लिए साइन किया गया है. इस फिल्म का विरोध गुजरात में भी हो रहा है. वहीं, राजस्थान में राजपूत करणी सेना इस फिल्म के सख्त खिलाफ है.


फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों से तोड़मरोड़ कर रिलीज किया गया तो करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, ऐसे में कानून और व्यवस्था की समस्या सामने आ सकती है. गलत तथ्यों के साथ अगर ये फिल्म बनती है तो इसे देश के सिनेमाहॉल में चलने नहीं दिया जाएगा. रानी पद्मिनी का नाम राजस्थान के इतिहास में बहुत आदर के साथ लिया जाता है. उन्होंने चित्तौड़ के आत्मसम्मान के लिए 1600 और रानियों के साथ जलते कुंड में कूद कर जान दे दी थी. ऐसा उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़गढ़ पर हमले के दौरान किया था.

राजपूत करणी सेना के सदस्यों ने बताया कि भंसाली ने फिल्म के इतिहास को ठीक तरह से नहीं पढ़ा, ऐसे में रानी पद्मिनी की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका है.

किसी भी फिल्मकार को मनोरंजन के नाम पर इतिहास को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है. 

इस फिल्म की शूटिंग पहले चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले में होनी थी, लेकिन करनी सेना के विरोध को देखते हुए फिल्म के लिए किले का पूरा सेटअप मुंबई में ही लगाया गया. राजपूत करणी सेना के संभाग प्रभारी भूपेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि भंसाली की इस फिल्म में रानी पद्मिनी को अलाउदीन खिलजी की प्रेमिका के रूप में बताया जा रहा है जो मेवाड़ के इतिहास को खंडित करने जैसा है.

इससे पहले संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी को भी ऐतिहासिक तथ्यों से तोड़मरोड़ के आरोपों की वजह से ही विरोध का सामना करना पड़ा था.


इसी समूह ने किया था जोधा-अकबर का विरोध

- इसी करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने एकता कपूर के सीरियल जोधा-अकबर का भी भारी विरोध किया था।

- करणी सेना का आरोप था कि सीरियल में भी इतिहास को तोड़-मरोड़ कर जोधा को गलत तरीके से पेश किया गया था।



अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो भंसाली जैसे लोगो पर भी हमला होगा।

हम राजपूत है गुंडे नहीं धर्म और संस्कृति की रक्षा करना ही राजपूतो का कर्त्तव्य है। हम वाही कर रहे है जो हम वर्षो से करते आ रहे है 

http://www.timesofhindi.com/2017/01/blog-post_27.html?m=1

श्री *राजपूत करणी सेना* के 

     *जय राजपुताना*

अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो *भंसाली* जैसे लोगो पर भी हमला होगा।
हम राजपूत है गुंडे नहीं धर्म और संस्कृति की रक्षा करना ही राजपूतो का कर्त्तव्य है। हम वाही कर रहे है जो हम वर्षो से करते आ रहे है ।

में श्री *राजपूत करणी सेना* के साथ हु।
मयंक प्रताप सिंह राजावत
जय राजपुताना

अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो *भंसाली* जैसे लोगो पर भी हमला होगा।

Posted at  10:46 PM - by Admin 0

राजपूतों में आक्रोश - पद्मावती के सम्मान में करणी सैनिक मैदान में

'Padmavati' shoot stalled in Jaipur; activists protest over distorting historical facts

चितौड़गढ की रानी पद्मिनी पर संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई जा रही फिल्म "पद्मावती" की जयगढ में चल रही शूटिंग को लेकर समाज में आक्रोश..... 

करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शूटिंग रुकवाई...... 

हम सभी इस प्रकार की हर एक फिल्म का पुरजोर विरोध करते है जिसमें हमारे इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश किया जाता है..... 

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की शूटिंग शुरू भी नहीं हुई है कि इसका विरोध शुरू हो गया है. फिल्म में दीपिका पादुकोण चित्तौड़ के राजा रतनसेन की पत्नी रानी पद्मिनी (पद्मावती) का किरदार निभा रही हैं.

फिल्म में दीपिका के पति की भूमिका में शाहिद कपूर नजर आएंगे. वहीं रणवीर सिंह को अलाऊद्दीन खिलजी के रोल के लिए साइन किया गया है. इस फिल्म का विरोध गुजरात में भी हो रहा है. वहीं, राजस्थान में राजपूत करणी सेना इस फिल्म के सख्त खिलाफ है.


फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों से तोड़मरोड़ कर रिलीज किया गया तो करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, ऐसे में कानून और व्यवस्था की समस्या सामने आ सकती है. गलत तथ्यों के साथ अगर ये फिल्म बनती है तो इसे देश के सिनेमाहॉल में चलने नहीं दिया जाएगा. रानी पद्मिनी का नाम राजस्थान के इतिहास में बहुत आदर के साथ लिया जाता है. उन्होंने चित्तौड़ के आत्मसम्मान के लिए 1600 और रानियों के साथ जलते कुंड में कूद कर जान दे दी थी. ऐसा उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़गढ़ पर हमले के दौरान किया था.

राजपूत करणी सेना के सदस्यों ने बताया कि भंसाली ने फिल्म के इतिहास को ठीक तरह से नहीं पढ़ा, ऐसे में रानी पद्मिनी की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका है.

किसी भी फिल्मकार को मनोरंजन के नाम पर इतिहास को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है. 

इस फिल्म की शूटिंग पहले चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले में होनी थी, लेकिन करनी सेना के विरोध को देखते हुए फिल्म के लिए किले का पूरा सेटअप मुंबई में ही लगाया गया. राजपूत करणी सेना के संभाग प्रभारी भूपेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि भंसाली की इस फिल्म में रानी पद्मिनी को अलाउदीन खिलजी की प्रेमिका के रूप में बताया जा रहा है जो मेवाड़ के इतिहास को खंडित करने जैसा है.

इससे पहले संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी को भी ऐतिहासिक तथ्यों से तोड़मरोड़ के आरोपों की वजह से ही विरोध का सामना करना पड़ा था.


इसी समूह ने किया था जोधा-अकबर का विरोध

- इसी करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने एकता कपूर के सीरियल जोधा-अकबर का भी भारी विरोध किया था।

- करणी सेना का आरोप था कि सीरियल में भी इतिहास को तोड़-मरोड़ कर जोधा को गलत तरीके से पेश किया गया था।



अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो भंसाली जैसे लोगो पर भी हमला होगा।

हम राजपूत है गुंडे नहीं धर्म और संस्कृति की रक्षा करना ही राजपूतो का कर्त्तव्य है। हम वाही कर रहे है जो हम वर्षो से करते आ रहे है 

http://www.timesofhindi.com/2017/01/blog-post_27.html?m=1

श्री *राजपूत करणी सेना* के 

     *जय राजपुताना*

अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो *भंसाली* जैसे लोगो पर भी हमला होगा।
हम राजपूत है गुंडे नहीं धर्म और संस्कृति की रक्षा करना ही राजपूतो का कर्त्तव्य है। हम वाही कर रहे है जो हम वर्षो से करते आ रहे है ।

में श्री *राजपूत करणी सेना* के साथ हु।
मयंक प्रताप सिंह राजावत
जय राजपुताना

अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो *भंसाली* जैसे लोगो पर भी हमला होगा।
हम राजपूत है गुंडे नहीं धर्म और संस्कृति की रक्षा करना ही राजपूतो का कर्त्तव्य है। हम वाही कर रहे है जो हम वर्षो से करते आ रहे है ।

में श्री *राजपूत करणी सेना* के साथ हु।
मयंक प्रताप सिंह राजावत
जय राजपुताना

अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो *भंसाली* जैसे लोगो पर भी हमला होगा।

Posted at  10:46 PM - by Admin 0

अगर हमारी भारतीय संस्कृति पर हमला होगा तो *भंसाली* जैसे लोगो पर भी हमला होगा।
हम राजपूत है गुंडे नहीं धर्म और संस्कृति की रक्षा करना ही राजपूतो का कर्त्तव्य है। हम वाही कर रहे है जो हम वर्षो से करते आ रहे है ।

में श्री *राजपूत करणी सेना* के साथ हु।
मयंक प्रताप सिंह राजावत
जय राजपुताना

Nov 8, 2016


काले धन पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक बहुत ही सराहनीय व कठोर कदम उठाते  हुए आज रात १२ बजे से  ५०० रुपए और १००० रुपये के नोट पर रोक लगा दी है अब ये एक कागज के टुकड़े के बराबर हो जायगे।

९ व १० नवम्बर को सारे बैंक बंद रहेगे।


जिनके पास भी ये नोट है वे इन्हें १०-नवम्बर से ३० दिसंबर तक बैंको व डाक घर में जमा करा सकते है।
PM मोदी का हिंदुस्तान की जनता को 'सरप्राईज़ झटका', 500-1000 रूपए के नोट होंगे बंद, नहीं कर सकेंगे इनसे लेन-देन

नई दिल्ली। ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक से देश की जनता से रु-ब-रु हुए। शाम 8 बजे प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन के माध्यम से देश की जनता को संबोधित किया।

पीएम मोदी के संदेश की ये रहीं प्रमुख बातें

- सीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है।

- आज मध्य रात्रि से वर्तमान में जारी 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे यानि ये मुद्राएँ कानूनन अमान्य होंगी ।

500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों के जरिये लेन देन की व्यवस्था आज मध्य रात्रि से उपलब्ध नहीं होगी।

- 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, 2 रुपये और 1 रूपया का नोट और सभी सिक्के नियमित हैं और लेन देन के लिए उपयोग हो सकते हैं।

- 9 नवम्बर और कुछ स्थानों में 10 नवम्बर को भी ATM काम नहीं करेंगे।

- देशवाशियों को कम से कम तकलीफ का सामना करना पड़े, इसके लिए हमने कुछ इंतज़ाम किये हैं।

- 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट, 10 नवम्बर से लेकर 30 दिसम्बर तक अपने बैंक या डाक घर के खाते में बिना किसी सीमा के जमा करवा सकते हैं।

- आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।

- पिछले ढाई वर्षों में सवा सौ करोड़ देशवासियों के सहयोग से आज भारत ने ग्लोबल इकॉनमी में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उपस्तिथि दर्ज कराई है।

- यह सरकार गरीबों को समर्पित है और समर्पित रहेगी।

- देश में भ्रष्टाचार और कला धन जैसी बीमारियों ने अपना जड़ जमा लिया है और देश से गरीबी हटाने में ये सबसे बड़ी बाधा है।

- हर देश के विकास के इतिहास में ऐसे क्षण आये हैं जब एक शक्तिशाली और निर्णायक कदम की आवश्यकता महसूस की गई।

- सीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है।

५०० रुपए और १००० रुपये के आज रात १२ बजे से नोट बंद

Posted at  7:00 AM - by Mayank Pratap Singh Rajawat 0


काले धन पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक बहुत ही सराहनीय व कठोर कदम उठाते  हुए आज रात १२ बजे से  ५०० रुपए और १००० रुपये के नोट पर रोक लगा दी है अब ये एक कागज के टुकड़े के बराबर हो जायगे।

९ व १० नवम्बर को सारे बैंक बंद रहेगे।


जिनके पास भी ये नोट है वे इन्हें १०-नवम्बर से ३० दिसंबर तक बैंको व डाक घर में जमा करा सकते है।
PM मोदी का हिंदुस्तान की जनता को 'सरप्राईज़ झटका', 500-1000 रूपए के नोट होंगे बंद, नहीं कर सकेंगे इनसे लेन-देन

नई दिल्ली। ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक से देश की जनता से रु-ब-रु हुए। शाम 8 बजे प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन के माध्यम से देश की जनता को संबोधित किया।

पीएम मोदी के संदेश की ये रहीं प्रमुख बातें

- सीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है।

- आज मध्य रात्रि से वर्तमान में जारी 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे यानि ये मुद्राएँ कानूनन अमान्य होंगी ।

500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों के जरिये लेन देन की व्यवस्था आज मध्य रात्रि से उपलब्ध नहीं होगी।

- 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, 2 रुपये और 1 रूपया का नोट और सभी सिक्के नियमित हैं और लेन देन के लिए उपयोग हो सकते हैं।

- 9 नवम्बर और कुछ स्थानों में 10 नवम्बर को भी ATM काम नहीं करेंगे।

- देशवाशियों को कम से कम तकलीफ का सामना करना पड़े, इसके लिए हमने कुछ इंतज़ाम किये हैं।

- 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट, 10 नवम्बर से लेकर 30 दिसम्बर तक अपने बैंक या डाक घर के खाते में बिना किसी सीमा के जमा करवा सकते हैं।

- आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।

- पिछले ढाई वर्षों में सवा सौ करोड़ देशवासियों के सहयोग से आज भारत ने ग्लोबल इकॉनमी में एक ब्राइट स्पॉट के रूप में उपस्तिथि दर्ज कराई है।

- यह सरकार गरीबों को समर्पित है और समर्पित रहेगी।

- देश में भ्रष्टाचार और कला धन जैसी बीमारियों ने अपना जड़ जमा लिया है और देश से गरीबी हटाने में ये सबसे बड़ी बाधा है।

- हर देश के विकास के इतिहास में ऐसे क्षण आये हैं जब एक शक्तिशाली और निर्णायक कदम की आवश्यकता महसूस की गई।

- सीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है।

Aug 9, 2015

जो लोग बहाने बनाते हैं वे ये उदाहरण जरूर पढे ।

बहाने Vs सफलता  

उदाहरण :-

1- मुझे उचित शिक्षा लेने का
अवसर नही मिला...

उचित शिक्षा का  अवसर
फोर्ड मोटर्स के मालिक
हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।

**********************

2- मै इतनी बार हार चूका ,
अब हिम्मत नही...

अब्राहम लिंकन 15 बार
चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।

**********************

3- मै अत्यंत गरीब घर से हूँ ...

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी
गरीब घर से थे ।

*********************

4- बचपन से ही अस्वस्थ था...

आँस्कर विजेता अभिनेत्री
मरली मेटलिन भी बचपन से
बहरी व अस्वस्थ थी ।

**********************

5 - मैने साइकिल पर घूमकर
आधी ज़िंदगी गुजारी है...

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी
साइकिल पर निरमा बेचकर
आधी ज़िंदगी गुजारी ।

**********************

6- एक दुर्घटना मे
अपाहिज होने के बाद
मेरी हिम्मत चली गयी...

प्रख्यात नृत्यांगना
सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।

**************************

7- मुझे बचपन से मंद बुद्धि
कहा जाता है...

थामस अल्वा एडीसन को भी
बचपन से मंदबुद्धि कहा जता था।

************************

8- बचपन मे ही मेरे पिता का
देहाँत हो गया था...

प्रख्यात संगीतकार
ए.आर.रहमान के पिता का भी
देहांत बचपन मे हो गया था।

***********************

9- मुझे बचपन से परिवार की
जिम्मेदारी उठानी पङी...

लता मंगेशकर को भी
बचपन से परिवार की जिम्मेदारी
उठानी पङी थी।

*********************

10- मेरी लंबाई बहुत कम है...

सचिन तेंदुलकर की भी
लंबाई कम है।

*********************

11- मै एक छोटी सी
नौकरी करता हूँ ,

इससे क्या होगा...
धीरु अंबानी भी
छोटी नौकरी करते थे।

**********************

12- मेरी कम्पनी एक बार
दिवालिया हो चुकी है ,
अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा...

दुनिया की सबसे बङी
शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी
दो बार दिवालिया हो चुकी है ।

*********************

13- मेरा दो बार नर्वस
ब्रेकडाउन हो चुका है ,
अब क्या कर पाउँगा...

डिज्नीलैंड बनाने के पहले
वाल्ट डिज्नी का तीन बार
नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।

**************************

14- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है...

विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन
के मालिक ने 60 साल की उम्र मे
पहला रेस्तरा खोला था।

*********************

15- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है
पर लोग अस्वीकार कर देते है...

जेराँक्स फोटो कापी मशीन के
आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने
अस्वीकार किया था पर आज
परिणाम सामने है ।

*************************

16- मेरे पास धन नही...
इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन
नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था
उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।

*************************

17- मुझे ढेरो बीमारियां है..

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी
अनेको बीमारियो मे थे |
राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर
काम नही करते थे।

*************************

आज आप जहाँ भी है
या कल जहाँ भी होगे
इसके लिए आप किसी और को
जिम्मेदार नही ठहरा सकते ,
इसलिए आज चुनाव करिये -
सफलता और सपने चाहिए
या खोखले बहाने ...

धन्यवाद
मयंक सिंह राजावत
07566688843
  

बहाने ओर सफलता

Posted at  6:25 AM - by Admin 0

जो लोग बहाने बनाते हैं वे ये उदाहरण जरूर पढे ।

बहाने Vs सफलता  

उदाहरण :-

1- मुझे उचित शिक्षा लेने का
अवसर नही मिला...

उचित शिक्षा का  अवसर
फोर्ड मोटर्स के मालिक
हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।

**********************

2- मै इतनी बार हार चूका ,
अब हिम्मत नही...

अब्राहम लिंकन 15 बार
चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।

**********************

3- मै अत्यंत गरीब घर से हूँ ...

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी
गरीब घर से थे ।

*********************

4- बचपन से ही अस्वस्थ था...

आँस्कर विजेता अभिनेत्री
मरली मेटलिन भी बचपन से
बहरी व अस्वस्थ थी ।

**********************

5 - मैने साइकिल पर घूमकर
आधी ज़िंदगी गुजारी है...

निरमा के करसन भाई पटेल ने भी
साइकिल पर निरमा बेचकर
आधी ज़िंदगी गुजारी ।

**********************

6- एक दुर्घटना मे
अपाहिज होने के बाद
मेरी हिम्मत चली गयी...

प्रख्यात नृत्यांगना
सुधा चन्द्रन के पैर नकली है ।

**************************

7- मुझे बचपन से मंद बुद्धि
कहा जाता है...

थामस अल्वा एडीसन को भी
बचपन से मंदबुद्धि कहा जता था।

************************

8- बचपन मे ही मेरे पिता का
देहाँत हो गया था...

प्रख्यात संगीतकार
ए.आर.रहमान के पिता का भी
देहांत बचपन मे हो गया था।

***********************

9- मुझे बचपन से परिवार की
जिम्मेदारी उठानी पङी...

लता मंगेशकर को भी
बचपन से परिवार की जिम्मेदारी
उठानी पङी थी।

*********************

10- मेरी लंबाई बहुत कम है...

सचिन तेंदुलकर की भी
लंबाई कम है।

*********************

11- मै एक छोटी सी
नौकरी करता हूँ ,

इससे क्या होगा...
धीरु अंबानी भी
छोटी नौकरी करते थे।

**********************

12- मेरी कम्पनी एक बार
दिवालिया हो चुकी है ,
अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा...

दुनिया की सबसे बङी
शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी
दो बार दिवालिया हो चुकी है ।

*********************

13- मेरा दो बार नर्वस
ब्रेकडाउन हो चुका है ,
अब क्या कर पाउँगा...

डिज्नीलैंड बनाने के पहले
वाल्ट डिज्नी का तीन बार
नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।

**************************

14- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है...

विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन
के मालिक ने 60 साल की उम्र मे
पहला रेस्तरा खोला था।

*********************

15- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है
पर लोग अस्वीकार कर देते है...

जेराँक्स फोटो कापी मशीन के
आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने
अस्वीकार किया था पर आज
परिणाम सामने है ।

*************************

16- मेरे पास धन नही...
इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन
नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था
उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पङे।

*************************

17- मुझे ढेरो बीमारियां है..

वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी
अनेको बीमारियो मे थे |
राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर
काम नही करते थे।

*************************

आज आप जहाँ भी है
या कल जहाँ भी होगे
इसके लिए आप किसी और को
जिम्मेदार नही ठहरा सकते ,
इसलिए आज चुनाव करिये -
सफलता और सपने चाहिए
या खोखले बहाने ...

धन्यवाद
मयंक सिंह राजावत
07566688843
  

Jan 17, 2015

---: हिन्दुओं :--- अभी आसाम और बंगाल :---
फिर कल -- बारी आप की -- तब कहाँ जाओगे --??--
आज पुरे विश्व में इसाई समाज का 60 देशों में शासन चलता है।
दुनियां में मुसलमानों का भी 50 देशों पर राज है।
इन दोनों कोमो में सबसे पहले अपने धर्म के लोग और अपना धर्म होता है।
ये दोनों कोमे ही खुद के सामने हर धर्म को नीचा मानते है,
ये खुद को सारी दुनियां से ताकतवर और शासक वर्ग मानते है।
अगर इसाईयों और मुसलमानों को भारत से निकाल दे तो वो किसी दुसरे देश में जा सकता हैं, कहीं भी जाकर शरण और सहायता पा सकता है।
लेकिन यहाँ तो -- सारी गंगा ही उलटी बह रही है।
क्या आपने - कभी सोचा है:---
कहाँ जाओगे कहाँ आप को सहायता और शरण मिलेगी --??--
अब गिनती कीजिये - कहाँ कहाँ क्या हाल है :---
मामला बहुत “गम्भीर मोड़” तक पहुंच चुका है।
देश का कोई भी कोना बाकी नही है,
जहाँ ये “मुसल्ले उपद्रव” नही कर रहे हो।
कश्मीर से घाटी से हिन्दुओं को पूरी तरह से खदेड़ दिया गया,
केरल में भी हिन्दुओं का बहुत बुरा हाल है और चुन चुन कर हिंदूवादी नेताओं का मारा जाता है।
अब आसाम पूरे को आज में झोंक दिया गया,
दिन रात हिन्दुओ मारा और वहाँ से भगाया जा रहा है।
“केरल,कश्मीर और आसाम” तो आज भी इन के “पुरे कब्जे” में है।
आधा-तमिलनाडू,,आधा आंध्रप्रदेश,,आधा उतरप्रदेश,,आधा-बिहार,
बंगाल पूरा जल रहा है।
इन सभी इलाकों में इन्ही की “तूती” बोलती है।
अब बाकी बचे देश के दुसरे हिस्सों में भी ये चुप नही बैठे है।
चाहे “हरियाणा हो चाहे राजस्थान हो”,,
“चाहे महाराष्ट हो,और चाहे कर्नाटक हो”,
कुछ जगहों से भी इन चारों प्रदेशों से हिन्दुओं को भगाया जा चूका है।
इन लोगो की “भयंकर तैयारियां” “रात और दिन” चल रही है-
क्यों की :-- इन को – “अरब देशों” - से “असीमित-दौलत” मिल रही है-
हिन्दू समाज सिर्फ भारत में ही है।
विश्व में हिन्दू समाज के लिए कहीं कोई दूसरी जगह नही है।
आज आसाम पूरा जल रहा है:---
असम में एनडीएफबी (एस) उग्रवादियों के हमले के बाद करीब 2.9 लाख लोग असम के चार जिलों में राहत शिविरों में रह रहे हैं।
सरकारी सूचनाओं के अनुसार :----
लगभग 2.86 लाख लोग कोकराझाड़, सोनितपुर, चिरांग और उदलगुरी जिलों में 139 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
विस्‍थापन के मामले में :--- असम ने "सीरिया और इराक" को भी पीछे छोड़ा..
बीते साल हिंसा के चलते पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा आंतरिक विस्थापन असम में हुआ। शुक्रवार को एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स (एसीएचआर) की जारी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
सोचो - अगर अगर तुम एक न हुए तो :---
ऐसा वक्त आने में न तो समय लगेगा और न किसी को कुछ करना पड़ेगा क्योकि जिम्मेदार हम खुद हैं इन सबके..।
सरिता शर्मा जी के वाल से साभार :---
असम में ईसाई मिशनरियों ने धर्म परंपरा के लोगों पर हमला कर फिर से सिद्ध कर दिया है कि रोमन चर्च काल्पनिक ईसा के चरित्र का क्रॉस लेकर पूरे विश्व को कब्जा करने के लिए पुराने ढंग पर ही चल रहा है।
यही स्थिति तमिल नाम के टाइगर की थी जो ईसाई मिशनरियों के आतंकी संगठन तमिल की आढ़ में चलाते हुए हिंसा कर रहा था।
मीडिया का समाचार को हल्का करने उसे आदिवासी समूह से जोड़ने के ढंग से समझा जा सकता है। यह वही मीडिया है जो कुछ दिन पहले हम हैं पाक के नारे मोमबत्तियां बौद्धिकता झाड़ रहा था।
दलित चिंतकों, वामपंथियों से लेकर जेहादी तक इसे जिस तरह से पलटेंगे वह इनके चरित्र को दिखा देगा।
खबरदार कोई क्रिसमस नाम से धर्म परंपरा के उत्तरायण पर्व को ईसाई गिरोहों के नाम पर कुछ भी बोले। अग्निसाक्षी है धर्म परंपरा के लोगों को जलाने की मारने की उनकी धरती समृद्धि संस्कृति को लूट कर क्रॉस (काटा) लगाने की।
बेशर्मी से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य को शूद्रों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए झूठी कहानियाँ सुनाने वालों कब हुआ है भारत में नर संहार किस पंथ संप्रदाय ने मौत के मुंह में किसी को डाला है। आज तक दलित की घर वापसी के लिए एक भी दलित चिंतक कहने वाला घर से निकल कर अपने बंधु को जो एक तरफ सरकार को कुछ कहता है और समाज में पहचान कुछ बताता है को घर वापसी कराई है।
धर्म परंपरा वह है जो भेद नहीं करती है भिन्नता का सम्मान करती है तथा
ममेश्वर है यह तीन इब्राहिम के नाम लेने वाले मूसा ईसा मोहम्मद के गिरोह जो हिंसा आतंक से धरती को कब्जाते हैं। इसके साथ-साथ चिल्लाते हैं कि शांति स्वर्ग के ठेकेदार हम ही हैं और कोई देश हमें न रोकें।
पहचान लो कि इनके एक ईश्वर शैतान को...
नीचे दिया लिंक एक बार जरूर खोल कर देखिए, आपके सोए रहने के कारण कब अहिंसा पर चलते हुए आप आतंकवादी हो गए और मुस्लिम-ईसाई हिंसक होते हुए भी कब शांति के दूत और प्रगतिशील हो गए, आपको पता भी नहीं चला! और ऐसे ही सोए रहे तो आपके बच्चों को भी इसका पता नहीं चलेगा...!
मतांतरण पर कानून बनाने के नाम पर ईसाई समुदाय के लोगों ने विरोध किया है और संसद में चर्चा तक नहीं हो सकती है।
बायकाट कर राज्य सभा कार्य रोकने वाले नहीं चाहते कि कानून बने।
राज्य पुलिस प्रशासन लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है और सीमावर्ती इलाकों में भी अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का विरोध किया जा रहा है।
मोदी जी ने बंगाल में मदरसों में हुए बम विस्फोटों के लिए जो कदम उठाए हैं उनके विरुद्ध मदरसा राजनीति के नंगेपन को देखें ममता बनर्जी के घोटालों में फंसने की बात पर ही राज्य के प्रतिनिधि मंडल गायब हो जाते हैं।
हम समस्याओं को सामने लाने के लिए समाज को जोड़ने के लिए विचार कर रहे हैं।
असम में हिंसा के बाद सेवा भारती सेवा कार्य में सक्रिय।
असम में एनडीएफबी (एस) उग्रवादियों के हमले के बाद करीब 2.9 लाख लोग असम के चार जिलों में राहत शिविरों में रह रहे हैं।
सरकारी सूचनाओं के अनुसार :----
लगभग 2.86 लाख लोग कोकराझाड़, सोनितपुर, चिरांग और उदलगुरी जिलों में 139 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
सेवा भारती के कार्यकर्ता इन शिविरों में आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर रहे हैं।
आसाम मदरसों में हथियारों की ट्रेनिग
भारत में ज्ञान प्राप्तd करने और भारत में ही शरीर त्याaगने वाले ईसा मसीह की वास्तhविकता पर ईसायत मौन!
इन संगठनों के पीछे ईसाई मिशनरी को साबित करते प्रमाणित लिंक देख सकते हैं।
कुछ लोग ईसाई मिशनरी के लिए प्रमाण चाहते हैं।
http://www.satp.org/.../assam/terrorist_outfits/ndfb.htm
LTTE के विषय में ऐसा भ्रम है कि वो हिन्दू तमिल आतंकियों का ग्रुप था।
जबकि सच ये है कि जिन तमिल इसाई नेताओं ने इस आन्दोलन को खड़ा किया था।
उन्हें ही मारकर इसके क्रिस्चियन ग्रुप ने पूरे संघठन को अपने हाथ में लेकर चर्च और विदेशी हथियारों के बल सबसे हिंसक आतंकी संघठन बना दिया।
LTTE के सभी बड़े नेता और प्रमुख क्रिस्चियन थे लेकिन तमिल के नाम पर अन्य हिन्दू तमिलों को अपनी सेना में शामिल करते रहे ।
हिन्दू तमिल अपने क्रिस्चियन तमिल नेताओं के अलगाववादी बातों में आकर उनके आतंकी गतिविधियों का हिस्सा बन गए फिर फिर श्रीलंका की सेना द्वारा दर्दनाक नरसंहार में मारे गए।
उसी तरह चर्च के कांसेप्ट पर बोडो , मणिपुर , नागालैंड के आतंकी संघठन अलगावादी हिंसा कर रहे है ।
असम में हिन्दू सत्तर लोग काल की कोख में चले गये सब चुप हैं
कुछ लोगों की संवेदनाएं भी बस अन्तराष्ट्रीय रह गयी हैं !!
भारत में ज्ञान प्राप्त करने आये और भारत में ही शरीर त्याग ने वाले ईसा मसीह की वास्तविकता पर ईसायत मौन!
इन संगठनों के पीछे ईसाई मिशनरी को साबित करते प्रमाणित लिंक देख सकते हैं
कुछ लोग ईसाई मिशनरी के लिए प्रमाण चाहते हैं
भारत के पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बहुल इलाके में हिन्दुओ के श्मशान में अब शव जलाने पर भी पुलिस और मुल्लो परमिशन अनिवार्य---
http://hinduexistence.org/…/hindu-cremation-needs-islamic-…/
http://www.hindujagruti.org/…/20219_hindu-cremation-needs-i…http://www.hindujagruti.org/…/20219_hindu-cremation-needs-i…http://www.hindujagruti.org/…/20219_hindu-cremation-needs-i…
आसाम से लगते – बंगाल का भी हाल जान लीजिये
दुनिया में कब क्या हुआ ये भी जान लीजिये
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=344360035727450&set=a.160206300809492.1073741827.100004603693483&type=1&theater&notif_t=like
-----------------------
मुझे नही लगता -- सभी मित्र-- इतने लिंक देख पाएंगे।
-- गिरधारी भार्गव --4.1.2015---:

अंधकारमय कल

Posted at  11:00 PM - by GIRDHARI BHARGAV 0

---: हिन्दुओं :--- अभी आसाम और बंगाल :---
फिर कल -- बारी आप की -- तब कहाँ जाओगे --??--
आज पुरे विश्व में इसाई समाज का 60 देशों में शासन चलता है।
दुनियां में मुसलमानों का भी 50 देशों पर राज है।
इन दोनों कोमो में सबसे पहले अपने धर्म के लोग और अपना धर्म होता है।
ये दोनों कोमे ही खुद के सामने हर धर्म को नीचा मानते है,
ये खुद को सारी दुनियां से ताकतवर और शासक वर्ग मानते है।
अगर इसाईयों और मुसलमानों को भारत से निकाल दे तो वो किसी दुसरे देश में जा सकता हैं, कहीं भी जाकर शरण और सहायता पा सकता है।
लेकिन यहाँ तो -- सारी गंगा ही उलटी बह रही है।
क्या आपने - कभी सोचा है:---
कहाँ जाओगे कहाँ आप को सहायता और शरण मिलेगी --??--
अब गिनती कीजिये - कहाँ कहाँ क्या हाल है :---
मामला बहुत “गम्भीर मोड़” तक पहुंच चुका है।
देश का कोई भी कोना बाकी नही है,
जहाँ ये “मुसल्ले उपद्रव” नही कर रहे हो।
कश्मीर से घाटी से हिन्दुओं को पूरी तरह से खदेड़ दिया गया,
केरल में भी हिन्दुओं का बहुत बुरा हाल है और चुन चुन कर हिंदूवादी नेताओं का मारा जाता है।
अब आसाम पूरे को आज में झोंक दिया गया,
दिन रात हिन्दुओ मारा और वहाँ से भगाया जा रहा है।
“केरल,कश्मीर और आसाम” तो आज भी इन के “पुरे कब्जे” में है।
आधा-तमिलनाडू,,आधा आंध्रप्रदेश,,आधा उतरप्रदेश,,आधा-बिहार,
बंगाल पूरा जल रहा है।
इन सभी इलाकों में इन्ही की “तूती” बोलती है।
अब बाकी बचे देश के दुसरे हिस्सों में भी ये चुप नही बैठे है।
चाहे “हरियाणा हो चाहे राजस्थान हो”,,
“चाहे महाराष्ट हो,और चाहे कर्नाटक हो”,
कुछ जगहों से भी इन चारों प्रदेशों से हिन्दुओं को भगाया जा चूका है।
इन लोगो की “भयंकर तैयारियां” “रात और दिन” चल रही है-
क्यों की :-- इन को – “अरब देशों” - से “असीमित-दौलत” मिल रही है-
हिन्दू समाज सिर्फ भारत में ही है।
विश्व में हिन्दू समाज के लिए कहीं कोई दूसरी जगह नही है।
आज आसाम पूरा जल रहा है:---
असम में एनडीएफबी (एस) उग्रवादियों के हमले के बाद करीब 2.9 लाख लोग असम के चार जिलों में राहत शिविरों में रह रहे हैं।
सरकारी सूचनाओं के अनुसार :----
लगभग 2.86 लाख लोग कोकराझाड़, सोनितपुर, चिरांग और उदलगुरी जिलों में 139 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
विस्‍थापन के मामले में :--- असम ने "सीरिया और इराक" को भी पीछे छोड़ा..
बीते साल हिंसा के चलते पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा आंतरिक विस्थापन असम में हुआ। शुक्रवार को एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स (एसीएचआर) की जारी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
सोचो - अगर अगर तुम एक न हुए तो :---
ऐसा वक्त आने में न तो समय लगेगा और न किसी को कुछ करना पड़ेगा क्योकि जिम्मेदार हम खुद हैं इन सबके..।
सरिता शर्मा जी के वाल से साभार :---
असम में ईसाई मिशनरियों ने धर्म परंपरा के लोगों पर हमला कर फिर से सिद्ध कर दिया है कि रोमन चर्च काल्पनिक ईसा के चरित्र का क्रॉस लेकर पूरे विश्व को कब्जा करने के लिए पुराने ढंग पर ही चल रहा है।
यही स्थिति तमिल नाम के टाइगर की थी जो ईसाई मिशनरियों के आतंकी संगठन तमिल की आढ़ में चलाते हुए हिंसा कर रहा था।
मीडिया का समाचार को हल्का करने उसे आदिवासी समूह से जोड़ने के ढंग से समझा जा सकता है। यह वही मीडिया है जो कुछ दिन पहले हम हैं पाक के नारे मोमबत्तियां बौद्धिकता झाड़ रहा था।
दलित चिंतकों, वामपंथियों से लेकर जेहादी तक इसे जिस तरह से पलटेंगे वह इनके चरित्र को दिखा देगा।
खबरदार कोई क्रिसमस नाम से धर्म परंपरा के उत्तरायण पर्व को ईसाई गिरोहों के नाम पर कुछ भी बोले। अग्निसाक्षी है धर्म परंपरा के लोगों को जलाने की मारने की उनकी धरती समृद्धि संस्कृति को लूट कर क्रॉस (काटा) लगाने की।
बेशर्मी से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य को शूद्रों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए झूठी कहानियाँ सुनाने वालों कब हुआ है भारत में नर संहार किस पंथ संप्रदाय ने मौत के मुंह में किसी को डाला है। आज तक दलित की घर वापसी के लिए एक भी दलित चिंतक कहने वाला घर से निकल कर अपने बंधु को जो एक तरफ सरकार को कुछ कहता है और समाज में पहचान कुछ बताता है को घर वापसी कराई है।
धर्म परंपरा वह है जो भेद नहीं करती है भिन्नता का सम्मान करती है तथा
ममेश्वर है यह तीन इब्राहिम के नाम लेने वाले मूसा ईसा मोहम्मद के गिरोह जो हिंसा आतंक से धरती को कब्जाते हैं। इसके साथ-साथ चिल्लाते हैं कि शांति स्वर्ग के ठेकेदार हम ही हैं और कोई देश हमें न रोकें।
पहचान लो कि इनके एक ईश्वर शैतान को...
नीचे दिया लिंक एक बार जरूर खोल कर देखिए, आपके सोए रहने के कारण कब अहिंसा पर चलते हुए आप आतंकवादी हो गए और मुस्लिम-ईसाई हिंसक होते हुए भी कब शांति के दूत और प्रगतिशील हो गए, आपको पता भी नहीं चला! और ऐसे ही सोए रहे तो आपके बच्चों को भी इसका पता नहीं चलेगा...!
मतांतरण पर कानून बनाने के नाम पर ईसाई समुदाय के लोगों ने विरोध किया है और संसद में चर्चा तक नहीं हो सकती है।
बायकाट कर राज्य सभा कार्य रोकने वाले नहीं चाहते कि कानून बने।
राज्य पुलिस प्रशासन लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है और सीमावर्ती इलाकों में भी अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का विरोध किया जा रहा है।
मोदी जी ने बंगाल में मदरसों में हुए बम विस्फोटों के लिए जो कदम उठाए हैं उनके विरुद्ध मदरसा राजनीति के नंगेपन को देखें ममता बनर्जी के घोटालों में फंसने की बात पर ही राज्य के प्रतिनिधि मंडल गायब हो जाते हैं।
हम समस्याओं को सामने लाने के लिए समाज को जोड़ने के लिए विचार कर रहे हैं।
असम में हिंसा के बाद सेवा भारती सेवा कार्य में सक्रिय।
असम में एनडीएफबी (एस) उग्रवादियों के हमले के बाद करीब 2.9 लाख लोग असम के चार जिलों में राहत शिविरों में रह रहे हैं।
सरकारी सूचनाओं के अनुसार :----
लगभग 2.86 लाख लोग कोकराझाड़, सोनितपुर, चिरांग और उदलगुरी जिलों में 139 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
सेवा भारती के कार्यकर्ता इन शिविरों में आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर रहे हैं।
आसाम मदरसों में हथियारों की ट्रेनिग
भारत में ज्ञान प्राप्तd करने और भारत में ही शरीर त्याaगने वाले ईसा मसीह की वास्तhविकता पर ईसायत मौन!
इन संगठनों के पीछे ईसाई मिशनरी को साबित करते प्रमाणित लिंक देख सकते हैं।
कुछ लोग ईसाई मिशनरी के लिए प्रमाण चाहते हैं।
http://www.satp.org/.../assam/terrorist_outfits/ndfb.htm
LTTE के विषय में ऐसा भ्रम है कि वो हिन्दू तमिल आतंकियों का ग्रुप था।
जबकि सच ये है कि जिन तमिल इसाई नेताओं ने इस आन्दोलन को खड़ा किया था।
उन्हें ही मारकर इसके क्रिस्चियन ग्रुप ने पूरे संघठन को अपने हाथ में लेकर चर्च और विदेशी हथियारों के बल सबसे हिंसक आतंकी संघठन बना दिया।
LTTE के सभी बड़े नेता और प्रमुख क्रिस्चियन थे लेकिन तमिल के नाम पर अन्य हिन्दू तमिलों को अपनी सेना में शामिल करते रहे ।
हिन्दू तमिल अपने क्रिस्चियन तमिल नेताओं के अलगाववादी बातों में आकर उनके आतंकी गतिविधियों का हिस्सा बन गए फिर फिर श्रीलंका की सेना द्वारा दर्दनाक नरसंहार में मारे गए।
उसी तरह चर्च के कांसेप्ट पर बोडो , मणिपुर , नागालैंड के आतंकी संघठन अलगावादी हिंसा कर रहे है ।
असम में हिन्दू सत्तर लोग काल की कोख में चले गये सब चुप हैं
कुछ लोगों की संवेदनाएं भी बस अन्तराष्ट्रीय रह गयी हैं !!
भारत में ज्ञान प्राप्त करने आये और भारत में ही शरीर त्याग ने वाले ईसा मसीह की वास्तविकता पर ईसायत मौन!
इन संगठनों के पीछे ईसाई मिशनरी को साबित करते प्रमाणित लिंक देख सकते हैं
कुछ लोग ईसाई मिशनरी के लिए प्रमाण चाहते हैं
भारत के पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बहुल इलाके में हिन्दुओ के श्मशान में अब शव जलाने पर भी पुलिस और मुल्लो परमिशन अनिवार्य---
http://hinduexistence.org/…/hindu-cremation-needs-islamic-…/
http://www.hindujagruti.org/…/20219_hindu-cremation-needs-i…http://www.hindujagruti.org/…/20219_hindu-cremation-needs-i…http://www.hindujagruti.org/…/20219_hindu-cremation-needs-i…
आसाम से लगते – बंगाल का भी हाल जान लीजिये
दुनिया में कब क्या हुआ ये भी जान लीजिये
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=344360035727450&set=a.160206300809492.1073741827.100004603693483&type=1&theater&notif_t=like
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मुझे नही लगता -- सभी मित्र-- इतने लिंक देख पाएंगे।
-- गिरधारी भार्गव --4.1.2015---:

Oct 13, 2014


पहले फोटो को -- पढ़े और समझे
------------------------
आज देश चारों तरफ से घिरा हुआ है,
और हमले - पांचो तरफ से हो रहे है,
पांचवीं तरफ - यानि देश के भीतर से भी ।
--------------------
ये सब अंतर राष्ट्रीय षड्यंत्रों का खेल है,
इन्ही के कारण रसिया के टुकड़े टुकड़े हुए ।
हमारे विरुद्ध चार बहुत बड़ी एजेंसियां काम कर रही है,
अमेरिका की CIA,,रूस की KGB,,पाकिस्तान की ISI,,
संदेह इजराइल की - मोसाद - पर भी किया जाता है ।
---------------------
ये किसी भी देश के विखंडन के लिए - हर एक मुद्दे पर भरपूर धन खर्च करती है,
चाहे राजनैतिक अस्थिता फ़ैलाना हो,चाहे जनता को देश के विरूद्ध खड़ा करना हो,
जैसे सैकड़ों NGO और केजरीवाल जैसे नेता और वामपंथी पार्टियां,
जैसे हमारे यहाँ - मुस्लिम आंतकवादी और नक्सलवादी गिरोह ।
जैसे तेलंगाना और कश्मीर में आवाजे उठ रही है ।
--------------------
धार्मिक,,सामजिक और नैतिक और चारित्रिक पतन के लिए भी ये बहुत कुछ करते है,
ईसाईयों और मुसलमानों द्वारा धर्मांतरण,,फर्जी चमत्कारी बाबा और फर्जी भगवान,,
इसी के चलते आज सभी जगह सारे सामाजिक रिश्ते धूमिल हो गये ।
आज हमारे समाज में - नैतिकता - कितनी बची है,
ये आप सब लोग सभी अच्छी तरह से जानते है ।
----------------------
चारित्रिक पतन का - आज एक रूप सामने आया,
99.99% लोग ध्यान ही नही देते - कि -
 -----------------------
कैसे हमारा चारित्रिक पतन किया जा रहा है ।
कैसे हमे "कीचड़" से "स्नान" कराया जा रहा है,
फिर भी हम खुश हो रहे है ।
--------------------
इसके दो कारण है पहला तो अज्ञानता दुसरा मानसिक गुलामी।
--------------------
दीपिका पादुकोण की नई फिल्म आ रही है -- "Finding Fanny" --
इस में "Fanny" का मतलब जानने के लिए जब डिक्शनरी में सर्च किया,
इस शब्द का अर्थ जानकर तो मै हैरान रह गया..!
क्या आप जानते है -- "Fanny"-- का अर्थ --??--
फिल्मो के नाम भी इतने -"घटिया"- रखने लगे अब ये बॉलीवुड के भांड !!
------------------------
ये भी -- "उसी षड्यंत्र" -- का ही हिस्सा है।
-----------------------
"Fanny" शब्द का अर्थ यहाँ लिखना ठीक नही,
इसलिए  लिंक दे रहा हूँ।
-- गिरधारी भार्गव -- 4.40 AM 23.9.2014

चारित्रिक हनन

Posted at  11:30 AM - by GIRDHARI BHARGAV 1


पहले फोटो को -- पढ़े और समझे
------------------------
आज देश चारों तरफ से घिरा हुआ है,
और हमले - पांचो तरफ से हो रहे है,
पांचवीं तरफ - यानि देश के भीतर से भी ।
--------------------
ये सब अंतर राष्ट्रीय षड्यंत्रों का खेल है,
इन्ही के कारण रसिया के टुकड़े टुकड़े हुए ।
हमारे विरुद्ध चार बहुत बड़ी एजेंसियां काम कर रही है,
अमेरिका की CIA,,रूस की KGB,,पाकिस्तान की ISI,,
संदेह इजराइल की - मोसाद - पर भी किया जाता है ।
---------------------
ये किसी भी देश के विखंडन के लिए - हर एक मुद्दे पर भरपूर धन खर्च करती है,
चाहे राजनैतिक अस्थिता फ़ैलाना हो,चाहे जनता को देश के विरूद्ध खड़ा करना हो,
जैसे सैकड़ों NGO और केजरीवाल जैसे नेता और वामपंथी पार्टियां,
जैसे हमारे यहाँ - मुस्लिम आंतकवादी और नक्सलवादी गिरोह ।
जैसे तेलंगाना और कश्मीर में आवाजे उठ रही है ।
--------------------
धार्मिक,,सामजिक और नैतिक और चारित्रिक पतन के लिए भी ये बहुत कुछ करते है,
ईसाईयों और मुसलमानों द्वारा धर्मांतरण,,फर्जी चमत्कारी बाबा और फर्जी भगवान,,
इसी के चलते आज सभी जगह सारे सामाजिक रिश्ते धूमिल हो गये ।
आज हमारे समाज में - नैतिकता - कितनी बची है,
ये आप सब लोग सभी अच्छी तरह से जानते है ।
----------------------
चारित्रिक पतन का - आज एक रूप सामने आया,
99.99% लोग ध्यान ही नही देते - कि -
 -----------------------
कैसे हमारा चारित्रिक पतन किया जा रहा है ।
कैसे हमे "कीचड़" से "स्नान" कराया जा रहा है,
फिर भी हम खुश हो रहे है ।
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इसके दो कारण है पहला तो अज्ञानता दुसरा मानसिक गुलामी।
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दीपिका पादुकोण की नई फिल्म आ रही है -- "Finding Fanny" --
इस में "Fanny" का मतलब जानने के लिए जब डिक्शनरी में सर्च किया,
इस शब्द का अर्थ जानकर तो मै हैरान रह गया..!
क्या आप जानते है -- "Fanny"-- का अर्थ --??--
फिल्मो के नाम भी इतने -"घटिया"- रखने लगे अब ये बॉलीवुड के भांड !!
------------------------
ये भी -- "उसी षड्यंत्र" -- का ही हिस्सा है।
-----------------------
"Fanny" शब्द का अर्थ यहाँ लिखना ठीक नही,
इसलिए  लिंक दे रहा हूँ।
-- गिरधारी भार्गव -- 4.40 AM 23.9.2014

Oct 8, 2014

बिलावल मियाँ अपनी टांग फट्टे में ना फसाओं वरना टांग ही नही रहेगी। 
पहले अपनी अराजकता,आंतकवादअप्रजातांत्रिक शासन,
“बिगडेल ISI और निरंकुश फौज” से निपट लो।
----- नही तो ----
"नाना" की तरह "फांसी" पाओगे या "माँ" की तरह "उड़ा" दिये जाओगे।
या "मुशर्रफ" और "नवाज शरीफ" की तरह पाकिस्तान से "भगा" दिये जाओगे।
----------------------
कश्मीर की - तो - बात ही मत सोचो,
पहले अपने "गिरेबान" में "खुद" ही झांक कर देख लो,
नही तो "आइना: हम दिखा देते है।
---------------------
"पाकिस्तान के गले की फांस"
"सिन्ध और बलोचिस्तान"

{1अंग्रेजों ने बलोचिस्तान और नेपाल” को हमेशा भारत से अलग देश माना और कभी भी भारत के साथ नही माना थाइन के साथ सदा से अलग ही बर्ताव होता था जो की हकीकत में ही अलग ही देश थे।
{2भारत के टुकड़े” करने से पहले ही इन्हें अलग से आजाद” कर दिया गया था।
{3इसी वजह से बलोचिस्तान को भारत से 4 दिन और पाकिस्तान से 3 दिन पहले,
{4यानि 11 अगस्त को ही अलग से आजादी” दे दी थी।

{5मित्रोंहम सब जानते हैं कि पाकिस्तान ने 14 अगस्त 1947 को बनने के बाद,
अगले साल 1948 में पाकिस्तान ने सैन्य कार्यवाही” करके बलोचिस्तान” पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा” किया था । (उससे पहले बलोचिस्तान एक आज़ाद देश था)

{6तबसे लेकर आज तक कितने ही लाखों “ISI और पाकिस्तानी फौज” के हाथो "बलोच” लोग मारे जा चुके हैं, ISI या तो मार देती है या  गायब  कर देती हैंजो लोग ISI के हाथों प्रताड़ित होते रहते हैउसका कोई हिसाब ही नहीं है।

{7गौरतलब है कि पाकिस्तान के आधे से भी ज़्यादा शिया मुसलमान” सिर्फ बलोचिस्तान” में रहते हैं,"पाकिस्तानी फ़ौज और ISI"के हाथों बेक़सूर "बलोच" लोगों ने कई दशकों तक अमानवीय अत्याचार झेले हैंऔर आज भी झेल ही रहे हैं..

{8बलोचिस्तान की कोई खबर पाकिस्तान की mainstream media में शायद ही आती है क्योंकि वहां की ज़्यादातर खबरें पंजाबी पाकिस्तानियों द्वारा प्रतिबंधित हैं...

{9बलोचिस्तान की आज़ादी के लिए लड़ रहे ज़्यादातर बलोच नेता निर्वासित हो के यूरोपीय देशों में रह रहे हैं और उन्ही के ज़रिये बलोचिस्तान की खबरें हम तक पहुँचती हैं...

{10जिनको मालूम नहीं कि बलोचिस्तान के सबसे बड़े स्वतंत्रता सेनानीऔर भारत के समर्थक,
"नवाब अकबर खान बुगती" को किस तरह से मुशर्रफ ने 2006 में साज़िश रचके बलोचिस्तान के Dera Bugti शहर में मरवाया था,वो एक बार इनके बारे में गूगल में ज़रूर सर्च करके पढ़ लें..

{11लेकिन अबपाकिस्तान के एक और प्रांतसिंध” जहाँ पाकिस्तान के सबसे ज़्यादा हिन्दू रहते हैंउन का भी यही हाल हो रहा है... सिंधी लोग” किस हद तक पंजाबी पाकिस्तान” के अत्याचारों को झेलने पे मजबूर हो रहे हैं..

{12गौरतलब है कि जिस तरह से बलोचिस्तान एक आज़ाद देश,” आज़ाद बलोचिस्तान के लिए कई सालों से लड़ रहा हैठीक उसी तरह सिंधी” भी आज़ाद सिंधुदेश” के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं..

{13सिन्धी लोगों ने संघर्ष के लिए एक -"जिये सिन्ध"- नाम से संगठन भी बना रखा है,
जिस के "लाल झंडे में कुल्हाड़ी" का चिन्ह अंकित है,
हमारे "वन्देमातरम गीत" की ही तरह उनका भी एक बहुत मशहूर गीत है,
"जिये सिन्ध जिये - सिन्ध वाला जिये" ये हर सिन्धी की जुबान पर रहता है.. 

{14सिंध में आज कि तारीख में दुनिया के सबसे भीषण शिया-सुन्नी” संघर्षों में से एक चल रहा है.. अहमदिया और हज़ारा मुसलमानों” का सबसे ज़्यादा नरसंहार भी सिंध” में ही हो रहा है..
यहाँ तक कि हिन्दुओं पर भी सबसे ज़्यादा अत्याचार यहीं हो रहा है -
ये सब "पंजाबीवहाबी पाकिस्तानियों" की बदौलत..
{15जहाँ तक पश्तून/पठानों” का सवाल हैये तो मूलतः पाकिस्तान के हैं ही नहीं...
ये तो मूलतः अफ़ग़ानिस्तान” के निवासी हैं..
{16}1897 में DURAND LINE AGREEMENT करके अंग्रेज़ों ने धोखे से पश्तूनों की धरती के दो टुकड़े कर दिए थे,
{17इसी वजह से 50 साल बाद 1947 में जब भारत आज़ाद हुआ और साथ हीविभाजन की वजह से पाकिस्तान भी बनातब करीब आधे पश्तून लोग अंग्रेजों के द्वारा की गयी "तोड़ फोड़" के कारण  {DURAND LINE AGREEMENT} khyber - pakhtunwa प्रांत के साथ पाकिस्तान का हिस्सा बन गए थे...
{18लेकिन आज भी पश्तून लोग ज़्यादातर मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैंबहुत से पश्तून लोग आज भी गुफाओं में आदिवासियों जैसा जीवन बिता रहे हैं...
{19पंजाबी पाकिस्तानियों ने आज तक कितने पश्तूनों को मारा है,
इसका पूरा "कच्चा चिटठा" जर्मनीऑस्ट्रेलियाजापान और New Zealand जैसे देशों के कुछ अखबारों ने भी खोला है पूरा विस्तार से...आज भी खोलते रहते है..
{20पाकिस्तान में भले ही चार राज्य होंलेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ पंजाब ने बाकी के पाकिस्तान को अपना गुलाम बनाया हुआ है..
{21एक मुसलमान देश होते हुए भी दुनिया में सबसे ज़्यादा मुसलमान इस पाकिस्तान ने ही मारे हैं..
खुद पाकिस्तान में अब तक कितने बलोचपश्तून/पठान और सिंधी मुसलमान” मारे जा चुके हैं,
उसका कोई हिसाब ही नहीं है...
{22} जो लुट अंग्रेजों ने भारत में मचाई थी -- वेसी ही “लुट” आज “पाकिस्तानी हुकुमत” ने बलोचिस्तान के “प्राक्रतिक संसाधनो” के दोहन के लिए पिछले 60 सालों से बलोचिस्तान में मचा रखी है, बलोचिस्तान में “प्राक्रतिक संसाधनों” के “भरपूर भंडार” है..
{23भारत भूमि के “अभिन्न अंग कश्मीर” का सपना देखने वालो के पास खुद का क्या बचेगा..??..
----------------
अगर “कोई भाई” देख सके तो कुछ “वीडियो लिंक” भी दे रहा हूँ ताकि “सच्चाई” सभी के सामने आये।
क्यों की पहले “नाना फिर माँ” और अब ये “बिलबिल” बहुत “बिलबिला” रहा है...
-----------------------
“सिन्ध और बलोचिस्तान” के लिये 6 वीडियो लिन्क दिये हैं जिस में नम्बर “6—3” बहुत महत्वपूर्ण है..
{1} पाकिस्तान सिन्ध का हमारे “वन्देमातरम” जैसा गीत “जिये सिन्ध” जो हर सिन्धी की जुबान पर है...
इस में वीडियो में कलाकार जब भी बैठा दिखेगा तो उस की गोदी में “जिये सिन्ध” संघठन का चिन्ह “कुल्हाड़ी” रखी नजर आयेगी..
{2} टीवी वार्ता में क्या कहती है “बलोच लड़की”
“बलोच छात्रों” से “पाक टीवी” का “स्पेशल कार्यकम”.. 
{3} पोस्ट के एक एक शब्द को सही साबित करता है ये वीडियों
“हमीद मीर की बलोचिस्तान कोंफ्रेंस”
{4} बलोचिस्तान बनेगा अगला बंगलादेश
{5} एक और वीडियो पोस्ट को सही साबित करता हुआ..
{6}अगर आप देख सके तो ज्ञान भी बढ़ेगा और मजा भी आयेगा..
“बलोच छात्रों” से “पाक टीवी” का स्पेशल कार्यकम..

-- गिरधारी भार्गव -- 24.9.2014



बिलावल मियाँ अपनी टांग फट्टे में ना फसाओं -गिरधारी भार्गव

Posted at  6:28 AM - by Admin 0

बिलावल मियाँ अपनी टांग फट्टे में ना फसाओं वरना टांग ही नही रहेगी। 
पहले अपनी अराजकता,आंतकवादअप्रजातांत्रिक शासन,
“बिगडेल ISI और निरंकुश फौज” से निपट लो।
----- नही तो ----
"नाना" की तरह "फांसी" पाओगे या "माँ" की तरह "उड़ा" दिये जाओगे।
या "मुशर्रफ" और "नवाज शरीफ" की तरह पाकिस्तान से "भगा" दिये जाओगे।
----------------------
कश्मीर की - तो - बात ही मत सोचो,
पहले अपने "गिरेबान" में "खुद" ही झांक कर देख लो,
नही तो "आइना: हम दिखा देते है।
---------------------
"पाकिस्तान के गले की फांस"
"सिन्ध और बलोचिस्तान"

{1अंग्रेजों ने बलोचिस्तान और नेपाल” को हमेशा भारत से अलग देश माना और कभी भी भारत के साथ नही माना थाइन के साथ सदा से अलग ही बर्ताव होता था जो की हकीकत में ही अलग ही देश थे।
{2भारत के टुकड़े” करने से पहले ही इन्हें अलग से आजाद” कर दिया गया था।
{3इसी वजह से बलोचिस्तान को भारत से 4 दिन और पाकिस्तान से 3 दिन पहले,
{4यानि 11 अगस्त को ही अलग से आजादी” दे दी थी।

{5मित्रोंहम सब जानते हैं कि पाकिस्तान ने 14 अगस्त 1947 को बनने के बाद,
अगले साल 1948 में पाकिस्तान ने सैन्य कार्यवाही” करके बलोचिस्तान” पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा” किया था । (उससे पहले बलोचिस्तान एक आज़ाद देश था)

{6तबसे लेकर आज तक कितने ही लाखों “ISI और पाकिस्तानी फौज” के हाथो "बलोच” लोग मारे जा चुके हैं, ISI या तो मार देती है या  गायब  कर देती हैंजो लोग ISI के हाथों प्रताड़ित होते रहते हैउसका कोई हिसाब ही नहीं है।

{7गौरतलब है कि पाकिस्तान के आधे से भी ज़्यादा शिया मुसलमान” सिर्फ बलोचिस्तान” में रहते हैं,"पाकिस्तानी फ़ौज और ISI"के हाथों बेक़सूर "बलोच" लोगों ने कई दशकों तक अमानवीय अत्याचार झेले हैंऔर आज भी झेल ही रहे हैं..

{8बलोचिस्तान की कोई खबर पाकिस्तान की mainstream media में शायद ही आती है क्योंकि वहां की ज़्यादातर खबरें पंजाबी पाकिस्तानियों द्वारा प्रतिबंधित हैं...

{9बलोचिस्तान की आज़ादी के लिए लड़ रहे ज़्यादातर बलोच नेता निर्वासित हो के यूरोपीय देशों में रह रहे हैं और उन्ही के ज़रिये बलोचिस्तान की खबरें हम तक पहुँचती हैं...

{10जिनको मालूम नहीं कि बलोचिस्तान के सबसे बड़े स्वतंत्रता सेनानीऔर भारत के समर्थक,
"नवाब अकबर खान बुगती" को किस तरह से मुशर्रफ ने 2006 में साज़िश रचके बलोचिस्तान के Dera Bugti शहर में मरवाया था,वो एक बार इनके बारे में गूगल में ज़रूर सर्च करके पढ़ लें..

{11लेकिन अबपाकिस्तान के एक और प्रांतसिंध” जहाँ पाकिस्तान के सबसे ज़्यादा हिन्दू रहते हैंउन का भी यही हाल हो रहा है... सिंधी लोग” किस हद तक पंजाबी पाकिस्तान” के अत्याचारों को झेलने पे मजबूर हो रहे हैं..

{12गौरतलब है कि जिस तरह से बलोचिस्तान एक आज़ाद देश,” आज़ाद बलोचिस्तान के लिए कई सालों से लड़ रहा हैठीक उसी तरह सिंधी” भी आज़ाद सिंधुदेश” के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं..

{13सिन्धी लोगों ने संघर्ष के लिए एक -"जिये सिन्ध"- नाम से संगठन भी बना रखा है,
जिस के "लाल झंडे में कुल्हाड़ी" का चिन्ह अंकित है,
हमारे "वन्देमातरम गीत" की ही तरह उनका भी एक बहुत मशहूर गीत है,
"जिये सिन्ध जिये - सिन्ध वाला जिये" ये हर सिन्धी की जुबान पर रहता है.. 

{14सिंध में आज कि तारीख में दुनिया के सबसे भीषण शिया-सुन्नी” संघर्षों में से एक चल रहा है.. अहमदिया और हज़ारा मुसलमानों” का सबसे ज़्यादा नरसंहार भी सिंध” में ही हो रहा है..
यहाँ तक कि हिन्दुओं पर भी सबसे ज़्यादा अत्याचार यहीं हो रहा है -
ये सब "पंजाबीवहाबी पाकिस्तानियों" की बदौलत..
{15जहाँ तक पश्तून/पठानों” का सवाल हैये तो मूलतः पाकिस्तान के हैं ही नहीं...
ये तो मूलतः अफ़ग़ानिस्तान” के निवासी हैं..
{16}1897 में DURAND LINE AGREEMENT करके अंग्रेज़ों ने धोखे से पश्तूनों की धरती के दो टुकड़े कर दिए थे,
{17इसी वजह से 50 साल बाद 1947 में जब भारत आज़ाद हुआ और साथ हीविभाजन की वजह से पाकिस्तान भी बनातब करीब आधे पश्तून लोग अंग्रेजों के द्वारा की गयी "तोड़ फोड़" के कारण  {DURAND LINE AGREEMENT} khyber - pakhtunwa प्रांत के साथ पाकिस्तान का हिस्सा बन गए थे...
{18लेकिन आज भी पश्तून लोग ज़्यादातर मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैंबहुत से पश्तून लोग आज भी गुफाओं में आदिवासियों जैसा जीवन बिता रहे हैं...
{19पंजाबी पाकिस्तानियों ने आज तक कितने पश्तूनों को मारा है,
इसका पूरा "कच्चा चिटठा" जर्मनीऑस्ट्रेलियाजापान और New Zealand जैसे देशों के कुछ अखबारों ने भी खोला है पूरा विस्तार से...आज भी खोलते रहते है..
{20पाकिस्तान में भले ही चार राज्य होंलेकिन सच्चाई यह है कि सिर्फ पंजाब ने बाकी के पाकिस्तान को अपना गुलाम बनाया हुआ है..
{21एक मुसलमान देश होते हुए भी दुनिया में सबसे ज़्यादा मुसलमान इस पाकिस्तान ने ही मारे हैं..
खुद पाकिस्तान में अब तक कितने बलोचपश्तून/पठान और सिंधी मुसलमान” मारे जा चुके हैं,
उसका कोई हिसाब ही नहीं है...
{22} जो लुट अंग्रेजों ने भारत में मचाई थी -- वेसी ही “लुट” आज “पाकिस्तानी हुकुमत” ने बलोचिस्तान के “प्राक्रतिक संसाधनो” के दोहन के लिए पिछले 60 सालों से बलोचिस्तान में मचा रखी है, बलोचिस्तान में “प्राक्रतिक संसाधनों” के “भरपूर भंडार” है..
{23भारत भूमि के “अभिन्न अंग कश्मीर” का सपना देखने वालो के पास खुद का क्या बचेगा..??..
----------------
अगर “कोई भाई” देख सके तो कुछ “वीडियो लिंक” भी दे रहा हूँ ताकि “सच्चाई” सभी के सामने आये।
क्यों की पहले “नाना फिर माँ” और अब ये “बिलबिल” बहुत “बिलबिला” रहा है...
-----------------------
“सिन्ध और बलोचिस्तान” के लिये 6 वीडियो लिन्क दिये हैं जिस में नम्बर “6—3” बहुत महत्वपूर्ण है..
{1} पाकिस्तान सिन्ध का हमारे “वन्देमातरम” जैसा गीत “जिये सिन्ध” जो हर सिन्धी की जुबान पर है...
इस में वीडियो में कलाकार जब भी बैठा दिखेगा तो उस की गोदी में “जिये सिन्ध” संघठन का चिन्ह “कुल्हाड़ी” रखी नजर आयेगी..
{2} टीवी वार्ता में क्या कहती है “बलोच लड़की”
“बलोच छात्रों” से “पाक टीवी” का “स्पेशल कार्यकम”.. 
{3} पोस्ट के एक एक शब्द को सही साबित करता है ये वीडियों
“हमीद मीर की बलोचिस्तान कोंफ्रेंस”
{4} बलोचिस्तान बनेगा अगला बंगलादेश
{5} एक और वीडियो पोस्ट को सही साबित करता हुआ..
{6}अगर आप देख सके तो ज्ञान भी बढ़ेगा और मजा भी आयेगा..
“बलोच छात्रों” से “पाक टीवी” का स्पेशल कार्यकम..

-- गिरधारी भार्गव -- 24.9.2014



Sep 27, 2014

भारत की मंगलयान यात्रा। 


5 नवंबर 2013 : पीएसएलवी सी25 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से मार्स आर्बिटर मिशन का प्रक्षेपण। 

7 नवंबर : पहली पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


8 नवंबर : दूसरी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 

 
9 नवंबर : तीसरी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


11 नवंबर : चौथी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


12 नवंबर : पांचवीं पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


16 नवंबर : छठी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


1 दिसंबर : यान ने छोड़ी पृथ्वी की कक्षा, मंगल की ओर रवाना। 


4 दिसंबर : यान 9.25 लाख किमी के दायरे वाले पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकला। 


11 दिसंबर : अंतरिक्ष यान पर पहली दिशा संशोधन प्रक्रिया संपन्न। 

11 जून 2014 : दूसरी दिशा संशोधन प्रक्रिया पूरी। 


22 सितंबर : यान ने किया मंगल के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश, 300 दिन तक निष्क्रिय रहने के बाद 440 न्यूटन लिक्विड एपोगी मोटर का प्रायोगिक परीक्षण, अंतिम पथ संशोधन कार्य पूरा। 


24 सितंबर : यान मंगल की लक्षित कक्षा में पहुंचा। 



भारतीय वैज्ञानिको को सत- सत नमन एवं देशवासियो की और से और  हार्दिक बधाई। 

  

हमारे वैज्ञानिको ने बना दिया विज्ञान में भारत को No.1 . 



विश्व का पहला देश जिसने पहली बार में मंगल गृह  पहुचने में सफलता पाई। 



एशिया का पहला देश जो मंगल पर पहुंचा।  


विश्व  का सबसे  सस्ता मार्स मिशन  






मंगलयान द्वारा भेजी गई मंगल गृह की प्रथम तस्वीर।  

First Image of Mars by Mangalyaan India 






Mangalyaan : भारत की मंगलयान यात्रा।

Posted at  3:01 AM - by Admin 0

भारत की मंगलयान यात्रा। 


5 नवंबर 2013 : पीएसएलवी सी25 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से मार्स आर्बिटर मिशन का प्रक्षेपण। 

7 नवंबर : पहली पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


8 नवंबर : दूसरी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 

 
9 नवंबर : तीसरी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


11 नवंबर : चौथी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


12 नवंबर : पांचवीं पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


16 नवंबर : छठी पृथ्वी नियंत्रित प्रक्रिया पूरी। 


1 दिसंबर : यान ने छोड़ी पृथ्वी की कक्षा, मंगल की ओर रवाना। 


4 दिसंबर : यान 9.25 लाख किमी के दायरे वाले पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकला। 


11 दिसंबर : अंतरिक्ष यान पर पहली दिशा संशोधन प्रक्रिया संपन्न। 

11 जून 2014 : दूसरी दिशा संशोधन प्रक्रिया पूरी। 


22 सितंबर : यान ने किया मंगल के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश, 300 दिन तक निष्क्रिय रहने के बाद 440 न्यूटन लिक्विड एपोगी मोटर का प्रायोगिक परीक्षण, अंतिम पथ संशोधन कार्य पूरा। 


24 सितंबर : यान मंगल की लक्षित कक्षा में पहुंचा। 



भारतीय वैज्ञानिको को सत- सत नमन एवं देशवासियो की और से और  हार्दिक बधाई। 

  

हमारे वैज्ञानिको ने बना दिया विज्ञान में भारत को No.1 . 



विश्व का पहला देश जिसने पहली बार में मंगल गृह  पहुचने में सफलता पाई। 



एशिया का पहला देश जो मंगल पर पहुंचा।  


विश्व  का सबसे  सस्ता मार्स मिशन  






मंगलयान द्वारा भेजी गई मंगल गृह की प्रथम तस्वीर।  

First Image of Mars by Mangalyaan India 






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